यदि आपको भी NPA के बारे में जानकारी नही है तो आपको इस आर्टिकल में नपा से जुडी पूरी जानकारी मिल जाएगी | आपको बीएस ये आर्टिकल लास्ट तक पढना है | इसके बाद आपके NPA से जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको मिल जायेगें |

सबसे पहले आपको ये जानना जरुरी है | कि NPA होता है | NPA की फुल फॉर्म Non Performing Asset है | हिंदी में इसे हम गैर निष्पादित संपति कहते है | जब कोई व्यक्ति जिसने बैंक से लोन लिया होता है |

जब भी कोई व्यक्ति बैंक से लोन लेता है | तो उसे किश्तों में पैसा वापिस बैंक में जमा करना पड़ता है | इस बीच अगर वह व्यक्ति लगातार 3 किश्त का पैसा बैंक को नही देता है | तो उसका अकाउंट NPA हो जाता है |

लोन न चुका पाने के बाद बैंक का दिवालिया निकल जाता है | लेकिन इसके लिए भी RBI ने कुछ प्रोविजन नियम बनाये है | बैंक को प्रोविजन की रकम बिजनेस से अलग रखनी पडती है | एक रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस समय भारतीय बैंको में 8 |50 लाख करोड़ का NPA है |

आज देश के 38 सूचीबद्ध कमर्शियल बैंको का NPA 8 | 41 लाख करोड़ से ज्यादा हो चूका है | इनमे से 90 % सरकारी बैंको में है | जो पूरी बैंकिंग व्यवस्था के 70% संपति का प्रतिनिधित्व करते है

केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों और आर्थिक विशेषज्ञों की बात करे तो उनके मुताबिक अगर समय रहते कोई उपाय नही किया गया तो ये आंकडा 20 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है |

साल 2015 की तीसरी तिमाही में NPA 3 |51 लाख करोड़ था जोकि जून 2024 में दोगुने से भी ज्यादा 8 | 29 लाख करोड़ हो गया | सरकारी बैंको की बात करे तो सबसे ज्यादा NPA SBI का है | जोकि 2 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा हो चुका है |

एक रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस समय भारतीय बैंको में 8 |50 लाख करोड़ का NPA है | यह रकम 10% होती है | जोकि बहुत ज्यादा है | आपकी जानकारी के लिए बता दें कि NPA की वजह से बैंको को मिलने वाला लाभ कम हो जाता है |

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