योजना के अंतर्गत नीची जाति वाले छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत छात्रों को लाभ प्रदान किया जाएगा जो 10वीं, 12वीं या फिर डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहे हैं।

इस योजना को महाराष्ट्र राज्य सरकार ने लागू किया है इसीलिए इसका नाम महाराष्ट्र के छात्रों को ही दिया जाएगा। महाराष्ट्र स्वाधार योजना के विषय में और जानकारी प्राप्त करने के लिए इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

जैसा कि मैंने आपको बताया कि इस योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र सरकार अनुसूचित जाति व NP के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी साथ ही साथ उन्हें आवास की भी सुविधा प्रदान करेगी मतलब जो छात्र अपने घर से दूर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उन्हें बोर्डिंग में रखा जाएगा।

वे विद्यार्थी जो अभी-अभी दसवीं कक्षा में भर्ती हुए हैं वो और सभी को अच्छी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं विद्यार्थी योजना के भागीदार बन सकते हैं। आवास, बोर्डिंग के साथ साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई में होने वाले और खर्च भी सरकार ही उठाएंगी।

सरकार ने बजट बनाकर निश्चित किया है कि इस तरह से विद्यार्थियों की सहायता करने हेतु वो प्रति वर्ष ₹51000 प्रत्येक विद्यार्थी पर खर्च करेंगे ताकि उनकी पढ़ाई सही से हो सके।

महाराष्ट्र स्वाधार योजना को लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य अनुसूचित जाति व निचली जाति के लोगों के शिक्षा प्राप्ति में मदद करना है। ₹51000 प्रति वर्ष विद्यार्थियों को देख कर सरकार उन्हें उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु प्रोत्साहित कर रहे हैं

ताकि उनके राज्य के बच्चे पढ़ लिखकर उनके राज्य का नाम रोशन करें। आसान शब्दों में कहें तो इस योजना को लागू करते हुए महाराष्ट्र सरकार निम्न वर्गीय छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाना चाहती हैं।

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