भारत में न्याय की सर्वोच्च संस्था सुप्रीम कोर्ट (supreme court) यानी उच्चतम न्यायालय है। किसी भी आदमी को न्याय चाहिए तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाता है।

यदि उसे निचली अदालत से इंसाफ नहीं मिलता तो वह अपनी अपील लेकर उच्च न्यायालय यानी हाईकोर्ट (high court) जाता है। उसे उम्मीद होती है कि यहां उसकी बात सुनी जाएगी।

क्या आप जानते हैं कि भारत में कितने हाईकोर्ट हैं? क्या कहा आप नहीं जानते? तो भी चिंता की कोई बात नहीं आज इस पोस्ट में हम आपको इसी संबंध में विस्तार से जानकारी देंगे। आपको बताएंगे कि भारत में कितने हाईकोर्ट हैं।

भारतीय न्याय व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी हाईकोर्ट है। किसी भी राज्य में हाईकोर्ट (High court) सर्वाेच्च न्यायिक संस्था होती है।

सुदृढ़ न्याय व्यवस्था के लिए देश में छोटी अदालतों के साथ ही प्रत्येक राज्य में हाईकोर्ट का प्रावधान (provision) किया गया है।

देश में सुप्रीम कोर्ट (supreme court) भी है, जो देश की सर्वाेच्च अदालत है। आपको बता दें दोस्तों कि सुप्रीम कोर्ट में वर्ष में 193 कार्य दिवस (working days) होते हैं। वहीं, हाईकोर्ट में कार्य दिवसों की संख्या 210 होती है।

भारत के संविधान (constitution) के अनुच्छेद (article) 214 में यह प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक राज्य में एक हाईकोर्ट हो।

यह प्रावधान राज्यवासियों की सुविधा के लिए किया गया। आपको बता दें कि जिस प्रकार देश में सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च है, इसी प्रकार स्टेट में उच्च न्यायालय सर्वोच्च होता है।

दोस्तों, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में कुल 25 हाईकोर्ट हैं। 25वां हाईकोर्ट जनवरी, 2024 में बनाया गया था।

हाईकोर्ट में राज्य से संबंधित मामले लाए जाते हैं। इसके साथ ही निचली अदालत के फैसले से असंतुष्ट फरियादी भी उच्च न्यायालय में न्याय के लिए अपील करते हैं।

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