देश में ऐसे लाखों किसान हैं, जिन्हें जरूरत के वक्त बिजली नहीं मिलती। मिलती है तो शिफ्टों में। यानी सुबह कुछ घंटे आएगी तो रात को नहीं और यदि रात को आएगी तो सुबह उसका मुंह देखने को नहीं मिलेगी। जिन जगहों में रात को बिजली आती है, वहां किसानों को रात भर जागकर खेतों को पानी देना पड़ता है।

उत्तराखंड जैसे कई प्रदेश में तो कई दूरस्थ गांव ऐसे भी हैं, जहां बिजली के खंभे तक नहीं गड़े। ऐसे में गुजरात के किसानों के लिए वहां की विजय रूपाणी सरकार ने एक योजना शुरू की है, जिसका नाम है किसान सूर्योदय योजना। इस योजना के जरिये सरकार का किसानों को 16 घंटे बिजली आपूर्ति मुहैया कराने का दावा है।

किसान सूर्योदय योजना बिजली आपूर्ति से संबंधित है। यह योजना गुजरात सरकार की है। इसका मकसद राज्य में प्रतिदिन किसानों को 16 घंटे पावर सप्लाई मुहैया कराना है।

24 अक्तूबर को इस योजना का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया-किसानों के लिए किसान सूर्योदय योजना आशा और ऊर्जा की एक किरण है। उन्होंने इस योजना का शुभारंभ करते हुए इसकी विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। इसके साथ ही केंद्र सरकार की किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं को भी गिनाया।

किसान योजना का सबसे पहला उद्देश्य किसानों की सिंचाई संबंधी परेशानी को हल करना है। खास तौर पर उन किसानों को बिजली की सुविधा देना है, जो रात के वक्त बिजली न आने की वजह से रात भर जागकर अपनी खेती को पानी देने के लिए मजबूर होते हैं। सही वक्त पर सिंचाई से फसलें भी बेहतर होंगी

गुजरात के किसानों को दिन में पावर सप्लाई मुहैया कराने के लिए कुछ समय पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की ओर से किसान सूर्योदय योजना की घोषणा की गई थी। राज्य सरकार की ओर से इसके लिए कुल साढ़े तीन हजार करोड़ रूपये का बजट निर्धारित किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत 2024 तक ट्रांसमिशन ढांचा स्थापित किया जाएगा। 220 किलोवाट सब स्टेशनों के साथ ही 66 किलोवाट की 3490 सर्किट किलोमीटर लंबी 234 ट्रांसमिशन (transmission) लाइनें बिछाई जाएंगी। इन लाइनों को दो से तीन साल के भीतर बिछा दिया जाायेगा

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