छत्तीसगढ़ सरकार इस लिहाज से धान के किसानों के लाभ के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना लेकर आई है। इसे किसानों के लिए बेहतर बताया जा रहा है।

इस राजीव गांधी किसान न्याय योजना के शुभारंभ की घोषणा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट सत्र के दौरान की थी। इसके बाद 21 मई, 2024 को योजना का शुभारंभ किया गया

योजना के तहत प्रदेश के किसानों को उनकी फसल के समर्थन मूल्य में अंतर पर लाभ दिया जा रहा है। राज्य के किसानों को 2024 से धान और मक्का की फसलों पर अधिकतम 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने 2024 में पंजीकृत और उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का और गन्ना की फसल के लिए 1500 करोड़ रूपये की आदान सहायता राशि किसानों के खाते में हस्तांतरित की है।

इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से राज्य के 19 लाख के करीब किसानों को उनके बैंक खाते में सीधे लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसकी दूसरी किश्त 1500 करोड़ रूपये की सहायता राशि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर 20 अगस्त, 2024 को किसानों के खाते में भेजी गई।

दोस्तों, बता दें कि इस योजना के तहत 5700 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इसे चार किश्तों में किसानों को दिया जाना है।

योजना के पहले चरण की बात करें तो इस चरण में केवल धान, मक्का और गन्ना किसानों को योजना में शामिल किया गया हे। इसके बाद भविष्य में दूसरी फसलों के साथ साथ भूमिहीन ग्रामीणों को भी इसमें लिए जाने की तैयारी है। इससे वृहद स्तर तक ग्रामीणों, किसानों को योजना का लाभ मिलेगा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राशि वितरित करते हुए किसानों को न्याय की बात पर जोर दिया। कहा कि राजीव गांधी कहा करते थे कि यदि किसान कमजोर होगा तो देश आत्मनिर्भरता खो देगा।

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